इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम । Intraday Trading Time In India

इंट्राडे ट्रेडिंग का सही टाइम क्या है! इसी के पीछे छिपे हैं आपके ट्रेड के सफल या असफल होने के कारण!

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम मतलब की इंट्राडे ट्रेडिंग के सही टाइमिंग इंडिया में क्या हैं? और उससे जुड़ी कुछ रहस्यमय बातें। शेयर मार्केट के 6 घंटे 15 मिनट्स की अवधि में किस टाइम में इंट्राडे ट्रेडिंग करना फायदेमंद होता है और साथ में इक्विटी (Equity) और कमोडिटी (Commodity) के लिए क्या-क्या इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम रखा गया है इन सभी जरुरी बातों को विश्तार से जानेगे।

इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम
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इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) यानि की एक ही दिन के अंदर स्टॉक या शेयर को बाय (Buy) और सेल (Sell) कर के लाभ कामना।

इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम: (Intraday Trading Time in Hindi)

आप सभी जानते है कि शेयर मार्केट के अपने कुछ नियम हैं जिनका पालन हर एक ट्रेडर को करना होता है। इन सभी नियमो में एक नियम होता है शेयर मार्केट में समय का है जिस समय में आप ट्रेड कर सकते हैं।

इक्विटी शेयर मार्केट कि बात करें तो यह सुबह 9.15 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक खुला रहता है इस समय के दौरान एक इंट्राडे ट्रेडर ट्रेडिंग कर के लाभ कमा सकता है।

लेकिन इंट्राडे ट्रेडिंग में लाभ कमाने के लिए जरुरी है एक सही टाइम का चुनाव करना, मैं ऐसा इसलिए बोल रहा हूँ कि ट्रेडिंग के दौरान वोलेटिलिटी, लिक्विविडिटी और बहुत सारे अन्य कारक किसी स्टॉक के प्राइस में बहुत तेज़ी से उतार चढ़ाव लाते हैं। इन्ही कारणों से एक ट्रेडर को फायदा या नुकसान भी हो सकता है।

अब यह तो स्पष्ट है की इक्विटी इंट्राडे ट्रेडिंग में सुबह 9.15 बजे से दोपहर के 3.30 बजे तक हम एक स्टॉक में या एक से अधिक स्टॉक में एक या एक से अधिक ट्रेड ले कर लाभ कमा सकतें हैं।

लेकिन यहाँ पर एक बात सबसे जरुरी यह है की आप ने जो भी पोजीसन बना रखी है उसे दोपहर 3.20 बजे तक हर हल में क्लोज कर देना चाहिए नहीं तो ब्रोकर 3.20 बजे के बाद खुद ही आटोमेटिक स्क्वायर ऑफ से क्लॉस कर देगा।

और आप को आटोमेटिक स्क्वायर ऑफ के चार्जेज भी ब्रोकर को देने पड़ेंगे और आप की पोजीसन में भी आप को मोटा नुकसान हो सकता है। इसलिए सारे पोजीसन को 3.20 बजे का ही क्लोज कर दें। यह टाइम ब्रोकर से ब्रोकर थोड़ा अलग भी हो सकता है लेकिन सामान्य टाइम सभी ब्रोकर्स का यही रहता है।

इक्विटी ट्रेडिंग के लिए शेयर मार्केट समय: (Share Market Time for Equity Trading)

भारत में इक्विटी ट्रेडिंग के लिए समय निचे दी गयी तालिका के अनुसार होता है:

equity इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम in india
trading session for equity

 

कमोडिटी इंट्राडे ट्रेडिंग टाइम: (Commodity Intraday Trading Time In Hindi)

कमोडिटी मार्केट में इंट्राडे टाइम सुबह 10 बजे से लेकर रात के 11.30 बजे तक होता है इसमें भी दो सेशन होते हैं।

लेकिन इक्विटी मार्केट की तरह इस मार्केट में भी आप को स्क्वायर ऑफ़ टाइम का धयान रखना होता है आप को मार्केट क्लोज होने से 15 मिनट्स पहले अपनी सारी पोज़िशन को क्लोज कर देना देना चाहीये।

इंट्राडे ट्रेडिंग में ऑटो स्क्वायर ऑफ टाइम हर ब्रोकर का अलग अलग होता है इसलिए आप अपने ब्रोकर से इसका सही टाइम पता कर सकतें हैं।

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इंट्राडे ट्रेडिंग करने का सही समय: (Best time for Intraday Trading)

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए उन्ही स्टॉक्स को चुना जाता है इनमे असिथिरता अधिक होती है। क्योंकि अलग अलग समय में वोलेटिलिटी भी अलग अलग होती है।

जिसके अनुसार इंट्राडे ट्रेडिंग के समय को निम्नलिखित चरणों में बाटा जा सकता है:

पहला चरण (9.30 से 10.30 बजे तक):

यह इंट्राडे ट्रेडिंग का सबसे ज्यादा वोलेटाइल समय होता है ट्रेडिंग के पहले घंटे में सबसे ज्यादा असिथिरता देखी जाती है इसका मुख्य कारण मार्केट बंद होने के बाद आयी किसी न्यूज़ का हो सकता है।

इस समय में वॉल्यूम सबसे ज्यादा देखने को मिलती है मतलब की इस समय में सबसे ज्यादा ट्रेडर एक्टिव होते हैं।

यह समय इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए मुनाफा कमाने के अवसर लेकर आता है साथ में वोलेटिलिटी ज्यादा होने के कारण गलत ट्रेड में नुकसान होने की भी सम्भावना ज्यादा होती है। इसलिए नए ट्रेडर्स को इस समय में ट्रेडिंग करने की सलाह नहीं दी जाती।

दूसरा चरण (10.30 से 12 बजे तक):

यह समय एवरेज वोलेटिलिटी का समय होता है जिसमे स्टॉक में एक एवरेज वॉल्यूम में ट्रेड किया जाता है यह सामान्य तोर पर वह समय होता है जब स्टॉक का प्राइस सिथिर हो जाता है और बाजार की दिशा निर्धारित हो जाती है और इंडेक्स भी सिथिर हो जाता है।

इस समय में चार्ट पैटर्न को एनालिसिस कर के ट्रेडिंग करने की सलाह दी जाती है और जो नए ट्रेडर है वो इस टाइम जोन में ट्रेडिंग कर के अच्छा प्रॉफिट कमा सकतें हैं।

तीसरा चरण (12 बजे से 2.30 बजे तक):

यह चरण आम तोर पर अधिक आराम का समय होता है। इस चरण में ग्लोबल मार्केट डाटा, डोव फ्यूचर के खुलने का समय , एशियाई मार्केट में बाजार के बंद होने का समय, यूरोपीय मार्केट के खुलने का समय होता है।

यह एक ऐसी समय अवधि होती है जब आप के आप कोई पुख्ता न्यूज़ हो तो ही आप को ट्रेड करने की सलाह दी जाती है। यदि आप अपना उस दिन का ट्रेडिंग टारगेट पूरा कर चुके हो तो उस दिन के लिए ट्रेडिंग बंद करने की सलाह दी जाती है।

चौथा चरण (2.30 बजे से 3.30 बजे तक):

यह उस दिन का सबसे अंतिम एक घंटा होता है इस ट्रेडिंग सेशन में भी वॉल्यूम ज्यादा देखने को मिलती है और वोलेटिलिटी भी ज्यादा होती है।

क्योंकि यह समय इंट्राडे ट्रेडर्स के लिए अपनी सभी पोजीसन को बंद करने का समय होता है चाहे वो प्रॉफिट में हो या लोस्स में हो उन्हें अपनी पोज़िशन को हर हल में बंद करना होता है इसलिए वॉल्यूम बढ़ जाती है। स्टॉक के प्राइस विपरीत ट्रेंड में ट्रेड करने लग जाता है।

ट्रेडिंग के समय में विशेष सावधानियाँ: (Pros and Cons in Hindi)

इंट्राडे ट्रेडिंग में समय बचाने के चक्कर में ट्रेडर्स अधिकतर समय बाजार में ही बिताने की कोशिश करते हैं और ज्यादा चिंता न करते हुए सिर्फ कुछ ही मिनटों में बड़े पैमाने पर ट्रेडिंग करने का प्रयास करते हैं।

इस तरह की ट्रेडिंग में अधिकतर रिस्क होता है और ज्यादातर निवेशक इस तरह की ट्रेडिंग से बचने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, आपको समझना चाहिए कि ट्रेडिंग के लिए सही समय को कैसे चुनें और विभिन्न तकनीकों का प्रयोग करके ट्रेडिंग के ज्यादा प्रॉफिट कैसे कमाएं। कभी भी ओवर ट्रेडिंग न करे और प्रॉपर रिस्क मैनेजमेंट को फॉलो करे। हमेशा स्टॉप लोस्स का प्रयोग करें।

निष्कर्ष:

इस ब्लॉग में हमने इंडिया में इंट्राडे ट्रेडिंग टाइमिंग पर चर्चा की है और जाना कि कैसे यह समय ट्रेडर्स के लिए महत्वपूर्ण है। याद रखें, इंट्राडे ट्रेडिंग में ट्रेड करने से पहले अच्छे से अध्ययन करें। इंट्राडे ट्रेडिंग में नियमित रूप से पैसे कमाने का अच्छा साधन है पर बिना ट्रेडिंग नॉलेज के कारण 99% लोग ज़्यदातर नुकसान ही घर लेकर जाते हैं। आप सही इंट्राडे ट्रेडिंग स्ट्रैटजी के साथ और चार्ट के अच्छे से टेक्निकल एनालिसिस कर के आप भी एक प्रॉफिटेबल ट्रेडर बन सकतें हैं।

विभिन्न ट्रेडिंग तकनीकों का इस्तेमाल करें, और हमेशा विवेकपूर्वक निवेश करें। इसमें ज्यादा रिस्क होता है इसलिए बड़े पैमाने पर इंट्राडे ट्रेडिंग से बचकर स्थिर निवेश का सही चयन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: (FAQs)

Q. इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है और इसका मतलब क्या है?

Ans. इंट्राडे ट्रेडिंग एक ऐसी ट्रेडिंग विधि है, जिसमें निवेशक दिनभर में बाजार में ट्रेड करके या खरीदारी करके समय के छोटे अवधि में लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

इसमें निवेशक एक दिन के अंत में ही अपने पोजीशन को बंद कर देते हैं और रात में खुली पोजीशन नहीं छोड़ते हैं। इससे निवेशकों को समय के छोटे अवधि में लाभ प्राप्त करने का एक अच्छा मौका मिलता है।

Q. इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सही समय का चयन कैसे करें?

Ans. इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सही समय का चयन करने के लिए ट्रेडर को बाजार की वोलेटिलिटी, लिक्विडिटी, एक्सचेंज के टाइमिंग, और मौजूदा समय के बारे में विस्तृत अध्ययन करना चाहिए।

दिनभर के पहले एक घंटे और अंतिम घंटे में बाजार में वोलेटिलिटी ज्यादा होती है, जिससे निवेशकों को अधिक लाभ की उम्मीद होती है।

Q. इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए कौन-कौन से तकनीकें अधिक प्रभावी होती हैं?

Ans. इंट्राडे ट्रेडिंग में सफलता के लिए तकनीकी और तार्किक उपकरणों का उपयोग करना अधिक महत्वपूर्ण होता है। तकनीकी विश्लेषण, चार्ट पैटर्न, इंडिकेटर्स, और प्राइस एक्शन के बारे में अच्छी समझ रखने से निवेशक बेहतर फैसले ले सकते हैं।

Q. इंट्राडे ट्रेडिंग में भारतीय शेयर बाजार के पहले एक घंटे का महत्व क्या है?

Ans. भारतीय शेयर बाजार के पहले एक घंटे में वोलेटिलिटी ज्यादा होती है और शेयरों के मूल्य में बड़े उतार-चढ़ाव के अवसर होते हैं।

इस समय के दौरान ट्रेडर को अधिकतर लाभ की उम्मीद होती है क्योंकि शेयरों के मूल्य में जल्दी बदलाव होता है। यह वक्त उन ट्रेडर के लिए उपयुक्त होता है जो ज्यादा रिस्क उठाने की क्षमता रखते हैं और तेजी-मंदी के बीच आराम से फैसले लेने में सक्षम होते हैं।

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