हिंदुस्तान शिपयार्ड को मिला 19000 करोड़ का काम, पांच पानी के जहाज बनाएगी ये कंपनी

हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (Hindustan Shipyard Limited) को एक बड़ा ऑर्डर मिला है इस ऑर्डर के मिलने से केवल HSL ही नहीं, बल्कि युवाओं को भी इसका फायदा होगा। रक्षा मंत्रालय के द्वारा कंपनी को यह ऑर्डर दिया गया है इसके तहत लगभग 19000 करोड़ रुपए में इंडियन नेवी के लिए 5 फ्लीट सपोर्ट शिप (एफएसएस) तैयार करने हैं।

इस ब्लॉग में हम बात करेंगे हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को मिले एक लगभग 19000 करोड़ के आर्डर के बारे में और साथ में कंपनी के कामकाज और फाइनेंसियल के बारे में जानेगे।

an areal view of हिंदुस्तान शिपयार्ड
Hindustan Shipyard

हिंदुस्तान शिपयार्ड आर्डर: (Hindustan Shipyard Order in Hindi)

16 अगस्त 2023 को सिक्योरिटी पर बनी कैबिनेट कमेटी ने इन स्पोर्ट्स शिप को खरीदने के आर्डर दिए हैं। देश में पहली बार ऐसे जहाजों का निर्माण होगा, ये जहाज भारतीय नौसेना के बेड़े की ताकत को बढ़ाएंगे।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक फ्लीट सर्विस शिप को पानी, फ्यूल, गोला-बारूद और भंडार के साथ समुद्र में जहाजों को फिर से भरने के लिए तैनात किया जायेगा ताकि नौसेना के बेड़ो को भंडार लेने के लिए वापिस बंदरगाह पर न लौटना पड़े। इन फ्लीट स्पोर्ट्स शिप्स का काम समुद्र में नौसेना के जहाजों को सामान की पूर्ति करना होगा। 25 अगस्त 2023 को कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।

भारत में निर्मित होने वाले 44,000 टन के ये सपोर्ट शिप अपनी तरह के पहले जहाज होंगे। इस प्रोजेक्ट से रोजगार की भी अच्छी संभावनाएं बनेगी। कंपनी इन जहाजों को बनाने में लगभग 8 साल का समय लेगी और इस प्रोजेक्ट से लगभग 2 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इन जहाजों को बनाने में इक्विपमेंट और सिस्टम के बड़े हिस्से की सोर्सिंग घरेलू स्तर पर ही होगी, ऐसे में यह आत्मनिर्भर भारत इनीशिएटिव का प्रतीक भी होगा।

हिंदुस्तान शिपयार्ड कंपनी ओवरव्यू:

यह शिपयार्ड उद्योगपति वालचंद हीराचंद के द्वारा सिंधिया स्टीम नेविगेशन कंपनी लिमिटेड की एक यूनिट के रूप में बनाया गया था जिसका नाम सिंधिया शिपयार्ड रखा गया। आजादी के बाद भारत में पूरी तरह से जहाज बनाने वाला पहला सिंधिया शिपयार्ड था और 1961 में शिपयार्ड के राष्ट्रीयकरण के बाद इसका नाम हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (HSL) कर दिया गया।

हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, मुख्य रूप से पोत निर्माण, पोत मरम्मत, पनडुब्बी निर्माण और मरम्मत, इनोवेशन और डिजाइन करने वाला देश का प्रमुख पोत निर्माण संगठन है और यह शिपयार्ड अभी तक 186 से अधिक जहाजों का निर्माण कर चूका है।

हिंदुस्तान शिपयार्ड फाइनेंसियल:

यह एक निजी अनलिस्टेड कंपनी है और इसे कंपनी लिमिटेड बाय शेयर्स केटेगरी में वर्गीकृत किया गया है। कंपनी का ऑथॉरिज़ेड कैपिटल 30400 लाख रुपए है।

31 मार्च 2022 को समाप्त होने वाले फाइनेंसियल ईयर के लिए की मुख्य वित्तीय जानकारियां निचे दी गयी हैं:

  • कंपनी का रेवेन्यू/टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से अधिक रहा है
  • कंपनी का EBITDA 182.38% से बढ़ा है
  • कंपनी की नेटवर्थ 8.04% से बढ़ी है
  • कंपनी की देनदारियां -0.49% से घटी है
  • कंपनी की कुल संपत्ति 2.70% से बढ़ी है
  • कंपनी का ऋण इक्विटी अनुपात -2.63 से कम हुआ है
  • कंपनी की नेट वर्थ 8.04 % से बढ़ी है

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निष्कर्ष:

इस ब्लॉग में हम ने हिंदुस्तान शिपयार्ड को मिले 19000 करोड़ के आर्डर के बार में जाना कि कंपनी को यह आर्डर कब मिला है और किस प्रोजेक्ट के लिए मिला है। इस प्रोजेक्ट से कंपनी की फाइनेंसियल हेल्थ में बहुत सुधार होगा और साथ में बहुत से युवाओं को काम भी मिलेगा। कंपनी अगले 8 साल में इस प्रोजेक्ट को पूरा करेगी। यह अपनी तरह के पहले फ्लीट स्पोर्ट्स शिप होंगे जिनका निर्माण भारत में होगा। यह प्रोजेक्ट आत्मनिर्भर भारत इनीशिएटिव का प्रतीक भी होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: (FAQs)

Q. भारत में पहला शिपयार्ड कौन सा है?
Ans. भारत में पहला शिपयार्ड हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड है और यह भारत के पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम में स्थित है।
Q. शिपयार्ड और डॉकयार्ड में क्या अंतर है?
Ans. शिपयार्ड वह स्थान होता है जहां पर जहाजों का निर्माण और मरम्मत का काम होता है, जिसे गोदीयार्ड के नाम से भी जाना जाता है।यहां पर सैन्य जहाज, नौकाएं, क्रूज लाइनर, मालवाहक या यात्री जहाज आदि का निर्माण और मरम्मत का काम होता है। जबकि डॉकयार्ड केवल रखरखाव और आधार संचालन से जुड़े होते हैं।
Q. भारत में कितने शिपयार्ड हैं?
Ans. भारत में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत छह शिपयार्ड हैं और राज्य सरकारों के अंतर्गत दो शिपयार्ड हैं।

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