टाटा मोटर्स डीवीआर 18% तक बढ़ा – क्या होता है डीवीआर शेयर?

टाटा मोटर्स डीवीआर शेयर 18% तक बढ़ा: क्या आपने कभी सोचा है कि एक शेयर के पीछे छिपी होती है एक ऐसी ताकत, जो शेयरहोल्डर्स को कंपनी के निर्णयों में सक्रिय भागीदार बना सकती है?

इस ब्लॉग के माध्यम से हम एक ऐसी छिपी ताकत के बारे में जानेगे, जिसने टाटा मोटर्स के डीवीआर शेयर को 18 प्रतिशत तक बढ़ाया है और जानिए क्या होता है डीवीआर शेयर? और इसे कंपनियों द्वारा क्यों जारी किया जाता है?

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टाटा मोटर्स डीवीआर

टाटा मोटर्स डीवीआर (Tata Motors DVR) शेयरों के रद्द होने की घोषणा के बाद इस शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। इस फाइनेंसियल ईयर में कंपनी की ओर से पहली तिमाही के नतीजों को जारी करते हुए कहा है कि शेयरधारकों को 10 डीवीआर शेयरों के बदले दो रुपये की फेस वैल्यू वाले 7 टाटा मोटर्स के शेयर जारी किए जाएंगे।

टाटा मोटर्स डीवीआर का शेयर बुधवार के दिन 18 प्रतिशत से बढ़कर अपने 52 वीक्स के हाई लेवल 440 रुपये को छू गया।

टाटा मोटर्स डीवीआर में इतनी तेजी का कारण कंपनी की ओर से इसे टाटा मोटर्स के नॉर्मल शेयरों में बदलना बताया जा रहा है।

टाटा मोटर्स को जून तिमाही में 3202 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। इस दौरान कंपनी की आय 42 प्रतिशत बढ़कर 1,02,236.08 करोड़ रुपये हो गई है। कंपनी के प्रीमियम कार सेगमेंट जेगुआर-लैंडरोवर ने काफी शानदार प्रदर्शन किया है। इस कारण कंपनी का कर्ज घटकर 4,17,000 करोड़ रुपये रह गया है।

टाटा मोटर्स डीवीआर शेयरों को रद्द करेगा:

टाटा मोटर्स की ओर से 25 जुलाई 2023 को घोषणा की गयी कि कंपनी अपने डीवीआर शेयरों को रद्द करने जा रही है। शेयरधारकों को हर 10 डीवीआर शेयरों के बदले टाटा मोटर्स के 7 नॉर्मल शेयर मिलेंगे।

इससे पहले कंपनी ने जनवरी में भी घोषणा की थी कि न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज से टाटा मोटर्स के एडीआर को रद्द किया जाएगा।

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टाटा मोटर्स डीवीआर

डीवीआर शेयर क्या होता है: (DVR Share Kya Hota Hai in Hindi)

डीवीआर का पूरा नाम है ‘डिफरेंशल वोटिंग राइट्स’ शेयर होता है। यह एक विशेष प्रकार का शेयर होता है जो कंपनियों द्वारा जारी किया जाता है। इसके तहत कंपनियां अपने निवेशकों को साधारण शेयरों की तुलना में कम वोटिंग या बिना वोटिंग अधिकारों के साथ शेयर जारी करती हैं।

उदाहरण के लिए साधारण शेयर में एक स्टॉक पर एक वोट का अधिकार मिलता है तो जबकि डीवीआर शेयर में दो या फिर कई शेयरों पर एक वोट का अधिकार मिलता है।

हालांकि, डीवीआर शेयर पर वोट कितने होंगे, ये कंपनी के निर्णयों पर निर्भर करता है। कंपनियां इसे अपने वोटिंग अधिकार को कम करने के लिए प्रयोग करती है। इसका मुख्य उद्देश्य शेयरहोल्डर्स को कंपनी के निर्णायक मामलों में भाग लेने का अधिकार कम करना होता है।

डीवीआर शेयर कैसे काम करता है:

जब कोई कंपनी डीवीआर शेयर्स को जारी करने का निर्णय लेती है तो यह एक प्रक्रिया के माध्यम से होता है। कंपनी के द्वारा अपने नियमों और गाइडलाइंस के अनुसार डीवीआर शेयर्स के लिए योग्य शेयरहोल्डर्स को चुना जाता है।

इन शेयरहोल्डर्स को डीवीआर शेयर्स का विशेष प्राधिकार प्रदान किया जाता है। इसे उन्हें संख्या अनुपात में उनके एक्शन शेयर्स के साथ बंटा दिया जाता है।

इस प्रक्रिया के चलते, डीवीआर शेयर्स के धारक को वोटिंग में कम अधिकार होते हैं ताकि वे कंपनी के महत्वपूर्ण फैसलों में कम भाग ले सकें।

कंपनियां क्यों जारी करती हैं डीवीआर शेयर्स:

डीवीआर शेयर्स को जारी करने के कई कारण हो सकते हैं। यहां पर हम कुछ प्रमुख कारणों पर विचार करेंगे:

शेयरहोल्डर्स के हित में:

डीवीआर शेयर्स को कंपनियां उन शेयरहोल्डर्स को देती हैं जो कंपनी के विकास और निर्णयों में भाग नहीं लेना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इसके लिए वोटिंग का अधिकार तो रहता है। इससे ऐसे शेयरहोल्डर्स का अधिकार संरक्षित रहता है और वे आवश्यकता के समय अपने मतदान से कंपनी के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।

फाइनेंसियल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए:

कुछ कंपनियां अपने बजट और फाइनेंसियल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए डीवीआर शेयर्स को जारी कर सकती हैं। इसके माध्यम से वे बाजार से पूंजी जुटाने में सक्षम होती हैं और अपनी परियोजनाओं और विकास के लिए धन को इक्खट्टा कर सकती हैं।

संचार और जनसंपर्क के लिए:

डीवीआर शेयर्स को जारी करने से कंपनियों का संचार और जनसंपर्क मजबूत होता है। यह एक अच्छा माध्यम होता है सभी शेयरहोल्डर्स को संदेश पहुंचाने के लिए और उन्हें कंपनी के निर्णयों और विकास के बारे में समझाने के लिए।

डीवीआर शेयर्स के लाभ और हानियां:

लाभ: (Pros)

डीवीआर शेयर्स के अधिकांश लाभ शेयरहोल्डर्स को मिलते हैं। ये लाभ निम्नलिखित तरीकों से हो सकते हैं:

वोटिंग अधिकार:

डीवीआर शेयरहोल्डर्स को वोटिंग में प्राथमिकता मिलती है, जिससे वे कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णयों में भाग ले सकते हैं। यह उनके निवेश को सुरक्षित और प्रभावी बनाता है।

कम दाम पर निवेश:

डीवीआर शेयर्स को नॉर्मल शेयर्स की तुलना में कम दाम पर खरीदा जा सकता है। इससे नए निवेशक भी बाजार में शामिल हो सकते हैं और अधिक लाभ कम खर्च में प्राप्त कर सकते हैं।

पूंजी इक्खट्टा करना:

कंपनियां डीवीआर शेयर्स को जारी करके पूंजी इक्खट्टा करती हैं। इससे उन्हें बजार से सस्ते दर पर पूंजी मिल जाती है।

हानियां: (Cons)

डीवीआर शेयर्स कि कुछ चुनौतियां भी होती हैं।

कम वोटिंग अधिकार:

शेयरहोल्डर्स को वोटिंग में कम अधिकार होते हैं। इसके अलावा, कंपनी द्वारा फाइनेंसियल परिस्थितियों के आधार पर डीवीआर शेयर्स को जारी किया जाता है, तो इससे कंपनी के लिए भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है।

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निष्कर्ष:

इस ब्लॉग में हमने जाना कि टाटा मोटर्स डीवीआर शेयर के प्राइस एक ही दिन में 18 % से बढ़ गए इसका मुख्य कारण है कंपनी द्वारा अपने डीवीआर शेयर को रद्द करना और साथ में कंपनी के तिमाही नतीजों में 3202 करोड़ का मुनाफा होना।

डीवीआर शेयर कंपनियों द्वारा एक विशेष प्रकार का शेयर है जो शेयरहोल्डर्स को वोटिंग कम अधिकार प्रदान करता है और उन्हें कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णयों में भाग लेने का अधिकार कम होता है।

डीवीआर शेयर को कंपनी द्वारा नॉर्मल शेयरहोल्डर्स की तुलना में कम दाम पर खरीदा जा सकता है, जिससे नए निवेशकों को बाजार में शामिल होने का मौका मिलता है।

कंपनियां डीवीआर शेयर्स को जारी करती हैं ताकि वे अपने निवेशकों को संरक्षित रख सकें और फाइनेंसियल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पूंजी उधार सकें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: (FAQs)

Q. डीवीआर शेयर क्या है? और इसका मतलब क्या है?

Ans. डीवीआर शेयर एक विशेष प्रकार का शेयर है जो कंपनियों द्वारा जारी किया जाता है। इसके माध्यम से शेयरहोल्डर्स को वोटिंग कम अधिकार प्रदान किया जाता है, लेकिन वे इसे कंपनी के नॉर्मल शेयरहोल्डर्स की तुलना में कम दाम पर खरीद सकते हैं।

Q. डीवीआर शेयर कैसे काम करता है?

Ans. डीवीआर शेयर कंपनियों द्वारा कम वोटिंग अधिकार प्रदान करने के लिए जारी किया जाता है। इससे शेयरहोल्डर्स को कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णयों में भाग नहीं ले सकते।

Q. डीवीआर शेयर खरीदने के लिए क्या एक्सपर्टीज चाहिए?

Ans. डीवीआर शेयर खरीदने के लिए आपको फाइनेंसियल मार्किट में अच्छी जानकारी और समझ होनी चाहिए। आपको कंपनियों के वित्तीय स्वास्थ्य, उनके निर्णयों के पीछे के कारण, और वित्तीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अच्छे निवेश का फैसला लेना होगा।

Q. क्या डीवीआर शेयर किसी नए निवेशक के लिए उपयुक्त है?

Ans. डीवीआर शेयर किसी नए निवेशक के लिए भी उपयुक्त हो सकता है, क्योंकि इसे नॉर्मल शेयरों की तुलना में कम दाम पर खरीदा जा सकता है। लेकिन नए निवेशकों को इसे समझने और उसके लाभों और चुनौतियों को समझने के लिए अधिक जागरूक रहने की जरूरत होती है।

Q. कंपनियां डीवीआर शेयर्स क्यों जारी करती हैं?

Ans. कंपनियां डीवीआर शेयर्स को जारी करने से उन्हें वोटिंग अधिकार मिलता है जो शेयरहोल्डर्स को कंपनी के महत्वपूर्ण निर्णयों में भाग लेने की अनुमति देता है। इससे शेयरहोल्डर्स का अधिकार संरक्षित रहता है।

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