शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन क्या है?

क्या आपने कभी गैप अप और गैप डाउन के बारे में सुना है? क्या आप जानते हैं कि शेयर मार्केट में एक रात के अंतर से किसी स्टॉक का प्राइस अचानक घट-बढ़ सकता है?

इस ब्लॉग में हम बात करेंगे, शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन क्या हैं? उनके प्रकार, उनको ट्रेड कैसे करें और उनके लाभ और हानियाँ आदि पर चर्चा करेंगे।

शेयर मार्केट के लिए गैप अप और गैप डाउन दो तकनीकी शब्द हैं जो निवेशकों को मार्केट के संकेतों के बारे में सूचित करते हैं। ये घटनाएं बाजार में डिमांड और सप्लाई में आई अचानक वृद्धि का संकेत देती हैं और निवेशकों को नए अवसर के लिए तैयार रहने का संकेत देती हैं।

गैप का मतलब होता है कि किसी स्टॉक की कीमत में एक बड़ा और अचानक बदलाव होना, एक रिक्त स्थान उत्पन्न होता है। इन गैप को हम गैप अप और गैप डाउन के रूप में जानते हैं।

शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन
शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन

शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन क्या हैं: (Gap Up and Gap Down in Share Market in Hindi?)

  • गैप अप: गैप अप (Gap Up) होता है जब एक स्टॉक का ओपनिंग प्राइस पिछले दिन के क्लोजिंग प्राइस की तुलना में ऊंचाई पर खुलता है। यह एक प्रतीक है कि बाजार में निवेशकों की भावनाओं में खरीदारी की प्रवृत्ति हो सकती है। उदहारण के लिए कोई स्टॉक कल 90 रुपए के प्राइस पर बंद हुआ था और आज 100 रुपए के प्राइस पर ओपन होता है तो इसे गैप अप ओपनिंग कहेंगे।
  • गैप डाउन: गैप डाउन (Gap Down) होता है जब एक स्टॉक की ओपनिंग प्राइस पिछले दिन के क्लोजिंग प्राइस की तुलना में नीचे खुलता है। यह एक प्रतीक है कि बाजार में निवेशकों की भावनाओं में बेचने की प्रवृत्ति हो सकती है। उदहारण के लिए कोई स्टॉक कल 90 रुपए के प्राइस पर बंद हुआ था और आज 80 रुपए के प्राइस पर ओपन होता है तो इसे गैप डाउन ओपनिंग कहेंगे।

गैप के प्रकार:

  • कॉमन गैप (Common Gap)
  • ब्रेकअवे गैप (Breakaway Gap)
  • मेंअसुरिंग गैप (Measuring Gap)
शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन क्या है?
शेयर मार्केट में गैप अप और गैप डाउन क्या है?

गैप अप और गैप डाउन का ट्रेड कैसे करें:

यदि आप गैप अप और गैप डाउन का ट्रेड करना चाहते हैं, तो यहां कुछ महत्वपूर्ण टिप्स हैं:

  1. गैप की पहचान करें: सबसे पहले, आपको गैप की पहचान करनी होगी और उसकी प्रकृति को समझना होगा। गैप अप और गैप डाउन के बीच का अंतर समझना महत्वपूर्ण है।
  2. ट्रेडिंग प्लान बनाएं: गैप को ट्रेड करने से पहले, एक ट्रेडिंग योजना बनाएं। यह निर्णय करें कि आप कितने समय तक ट्रेड करेंगे, कितना लाभ लेने का लक्ष्य है और नुकसान आप स्वीकार कर सकते हैं।
  3. ट्रेंड के साथ ट्रेड करें: गैप ट्रेडिंग करते समय, संभावित ट्रेंड के साथ ट्रेड करने की कोशिश करें। यदि गैप अप एक उच्चतम ट्रेंड के साथ हो रहा है, तो आप खरीदारी कर सकते हैं। उसी प्रकार, यदि गैप डाउन एक निम्नतम ट्रेंड के साथ हो रहा है, तो आप बिक्री कर सकते हैं।
  4. ट्रेड की गणना करें: गैप ट्रेड करने से पहले, गैप की गहनता और उच्चता की गणना करें। इसके आधार पर, स्टॉप लॉस और लक्ष्य का निर्धारण करें।
  5. रिस्क को प्रबंधित करें: गैप ट्रेड करते समय, अपने रिस्क को प्रबंधित करना महत्वपूर्ण है। स्टॉप लॉस आर्डर का उपयोग करें और अपनी निवेश सीमा को निर्धारित करें। अपने रिस्क एंड रिवॉर्ड रेश्यो (Risk and Rewards Ratio) को निर्धारित करें।

गैप के लाभ और हानियां:

गैप की ट्रेडिंग के लाभ और हानियों को समझना भी महत्वपूर्ण है:

गैप के लाभ: (Pros)

  1. तेजी और मुद्रास्फीति: गैप अप और गैप डाउन एक तेजी और मुद्रास्फीति का संकेत हो सकते हैं, जिससे आपको अच्छा मुनाफा भी हो सकता है।
  2. समर्थन और प्रतिरोध स्तर: गैप आपको समर्थन और प्रतिरोध स्तर (Support and Resistance Levels) की पहचान करने में मदद कर सकते हैं, जो आपको ट्रेड करते समय निर्णय लेने में सहायता कर सकते हैं।
  3. ट्रेंड की पुष्टि: गैप एक ट्रेंड को पहचाने का कार्य कर सकते हैं, जिससे आप बाजार के मुख्य ट्रेंड को पकड़ सकते हैं और अच्छी कमाई कर सकते हैं।

गैप की हानियां: (Cons)

  1. गैप की व्यापकता: गैप के भराव की पहचान करना बहुत कठिन हो सकता है, की गैप फिल्ल होगा या नहीं और अगर आप गलत अंदाज़ लगा लेते हैं, तो यह आपको नुकसान करा सकता है।
  2. साइड वेज़ बाजार में कमी: जब बाजार साइड वेज़ होता है, तो गैप के संकेत गलत हो सकते हैं और यह ट्रेंड को पहचाने को कठिन बना सकता है।
  3. स्लिपेज: गैप के दौरान, स्लिपेज की समस्या हो सकती है, जिससे आपको खरीदारी या बिक्री करने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है और तब तक ट्रेड आप के हाथ से निकल सकता है।

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निष्कर्ष:

इस ब्लॉग में हम ने जाना कि गैप्स क्या होते हैं और ये शेयर मार्केट में महत्वपूर्ण तकनीक होते हैं। इन गैप्स की समझ और ट्रेड करने की क्षमता, सफलता के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। गैप की ट्रेडिंग के लिए, सही प्लानिंग और अनुशासन की आवश्यकता होती है। यह एक चुनौतीपूर्ण ट्रेडिंग रणनीति है, इसलिए बाजार के ट्रेंड और इंडिकेटरों की अच्छी समझ आपकी सफलता का कारण हो सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: (FAQs)

Q. गैप क्या होता है?

Ans. गैप एक अचानक और बड़ा कीमती बदलाव होता है जिससे दो प्रतिरोधी दरें एक-दूसरे से अलग होती हैं और एक रिक्त स्थान उत्पन्न होता है।

Q. गैप अप और गैप डाउन क्या हैं?

Ans. गैप अप एक गैप है जहां कीमत ऊपर की ओर अचानक बदल जाती है, जबकि गैप डाउन में कीमत नीचे की ओर अचानक बदल जाती है।

Q. गैप के कितने प्रकार होते हैं?

Ans. गैप के दो प्रकार हैं: उच्च गैप (गैप अप), निचला गैप (गैप डाउन)।

Q. गैप ट्रेडिंग करने के लिए कौन-कौन से तकनीकी इंडिकेटर्स उपयोगी होते हैं?

Ans. सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस लेवल्स, वॉल्यूम और मूविंग एवरेज कुछ तकनीकी इंडिकेटर्स हैं जो गैप की ट्रेडिंग में मददगार साबित हो सकते हैं।

Q. गैप ट्रेडिंग के लिए रिस्क प्रबंधन कैसे करें?

Ans. गैप ट्रेडिंग में रिस्क प्रबंधन के लिए स्टॉप लॉस आर्डर, रिवर्सल स्तर, और निवेश सीमा का ध्यान रखना महत्वपूर्ण होता है। इनका उपयोग करके आप अपनी नुकसानों को सीमित कर सकते हैं।

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