एक्साइड इंडस्ट्रीज का फंडामेंटल एनालिसिस 2023 – फाइनेंसियलस और भविष्य की योजनाएं

एक्साइड इंडस्ट्रीज का फंडामेंटल एनालिसिस: बैटरियां केवल हमारे उपकरणों के लिए पावरहाउस का ही काम नहीं करती हैं, बल्कि वे भविष्य के लिए संभावनाएं भी हैं। धातुओं से भरे ये बक्से हर समय हमारी जरूरतों को पूरा करतें हैं। वे हमे निरंतर गतिशीलता प्रदान करते हैं।

इस ब्लॉग में हम एक ऐसी बैटरी निर्माता कंपनी के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिसने ऊर्जा भंडारण समाधान में बड़ा योगदान दिया है। यह ऊर्जा भंडारण की अग्रणी कम्पनियों में से एक है, जिसने स्थिरता और स्केलेबिलिटी के लिए नए मानक स्थापित किये हैं। यह कंपनी आजादी के समय से पहले से हमारी सेवा कर रही है।

एक्साइड इंडस्ट्रीज (Exide Industries Limited) के फंडामेंटल एनालिसिस में, हम इसके परिचालन के तरीके, इसके इतिहास, इसके फाइनेंसियल और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानेगे।

एक्साइड इंडस्ट्रीज का फंडामेंटल एनालिसिस
एक्साइड इंडस्ट्रीज का फंडामेंटल एनालिसिस

एक्साइड इंडस्ट्रीज का फंडामेंटल एनालिसिस:

सबसे पहले हम इसके इतिहास और इसके परिचालन के तरीके के बारे में संक्षेप में पढ़ेंगे। फिर हम इसके उद्योग और इसमें मौजूद अवसरों को समझेंगे, उसके बाद हम इसकी वित्तीय स्थिति का मौलिक विश्लेषण करेंगे और इसकी भविष्य की योजनाओं के बारे में जानेगे।

एक्साइड इंडस्ट्रीज – कंपनी ओवरव्यू: (Exide Industries – Company Overview in Hindi)

एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ईआईएल) ने 1947 में अपनी शुरुआत ‘एसोसिएटेड बैटरी मेकर्स (ईस्टर्न) लिमिटेड’ के नाम से की, यह कंपनी ‘क्लोराइड ओवरसीज यूके’ की सहायक कंपनी थी, जिसको 1993 में राजन रहेजा ग्रुप द्वारा अधिग्रहित कर लिया गया था। 1995 में, इस कंपनी का नाम बदलकर एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ईआईएल) कर दिया गया था।

1998 में, एक्साइड ने भारत की दूसरी सबसे बड़ी बैटरी निर्माता कंपनी ‘स्टैंडर्ड बैटरीज लिमिटेड (एसबीएल)’ और “स्टैंडर्ड फुरुकावा” ब्रांड के साथ इसके बैटरी व्यवसाय का अधिग्रहण कर लिया।

ईआईएल ने ऑटोमोटिव बैटरियों के लिए जापान की शिन-कोबे के साथ और वाल्व रेगुलेटेड लीड एसिड (वीआरएलए) बैटरियों के लिए जापान की ही फुरुकावा के साथ प्रौद्योगिकी समझौता किया है। वर्तमान में यह कंपनी भारत में सबसे बड़ी स्टोरेज बैटरी विनिर्माण की क्षमता रखती है।

वर्तमान में इस कंपनी का नेतृत्व श्री सुबीर चक्रवर्ती करते हैं, जो इसके प्रबंध निदेशक और सीईओ भी हैं। वर्तमान में यह कंपनी 2.5 एएच से लेकर 20,600 एएच तक की बैटरियों का उत्पादन करती है।

वर्तमान में कंपनी की उपस्थिति 50 से अधिक देशों में है और इसकी विनिर्माण इकाइयां चिंचवड़, शामनगर, हल्दिया, अहमदनगर, होसुर और पांच अन्य विनिर्माण इकाइयां हैं जिसमे से एक हरियाणा के बवाल में स्थापित हैं। पूरे भारत में इसके 95,000 से अधिक वितरकों और डीलरों या उप-डीलरों का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित है।

कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से दो खंडों में विभाजित है:

ऑटोमोटिव: इस डिवीजन में, कंपनी 4 पहिया, 3 पहिया और 2 पहिया वाहनों के लिए बैटरी बनाती है, आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) वाहनों के लिए छोटी बैटरी बनाती है। यह ई-रिक्शा के लिए एक पूर्ण आकार की बैटरी भी बनाती है।

औद्योगिक: इस डिवीजन में, कंपनी इन्वर्टर बैटरी, इंटीग्रेटेड पावर बैकअप सिस्टम, होम यूपीएस सिस्टम और जेनसेट भी बनाती है। यह औद्योगिक ग्रेड यूपीएस (आईयूपीएस), सौर ऊर्जा के लिए बैटरी, टेलीकॉम लाइनों को बिजली देने के लिए बैटरी और रेलवे और पनडुब्बियों के लिए बैटरी बनाती है।

इस कंपनी के राजस्व का 70% हिस्सा ऑटोमोटिव सेगमेंट से अर्जित होता है, बाकि शेष 30% हिस्सा औद्योगिक सेगमेंट से आता है। इसका 92% राजस्व घरेलू बिक्री से और बाकि 8% अंतरराष्ट्रीय बिक्री से उत्पन्न होता है।

वित्त वर्ष 2023 के दौरान, कंपनी ने ऑटोमोटिव क्षेत्र के लिए एन्हांस्ड फ्लडेड बैटरी (ईएफबी), एक्साइड आइडल स्टॉप स्टार्ट (आईएसएस) बैटरी और ईको अल्ट्रा बैटरी को अपग्रेड किया। कंपनी ने औद्योगिक क्षेत्र के लिए रूफटॉप सोलर सॉल्यूशंस और एक्साइड एनएक्सटी जैसे नए उत्पाद भी लॉन्च किए।

एक्साइड इंडस्ट्रीज – इंडस्ट्री ओवरव्यू:

कोविड-19 के बाद ऑटोमोटिव उद्योग ने बहुत अच्छी विर्धि दिखाई है और मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए भी नए अवसर लेकर आई है। पिछले साल भी, वैश्विक सेमीकंडक्टर की कमी के कारण उद्योग को प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। हालाँकि, कमी काफी हद तक कम हो गई है और उद्योग को निरंतर गति मिल रही है।

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के अनुसार, यात्री वाहनों ने 2022-23 में अब तक की सबसे अधिक घरेलू बिक्री दर्ज की है।

वाणिज्यिक वाहनों ने भी अच्छी बिक्री दर्ज़ की है जो 2018-19 के पिछले बिक्री शिखर के करीब पहुंच गए हैं। पिछले दो वर्षों में तिपहिया वाहनों की मांग में काफी वृद्धि हुई है, हालांकि बिक्री अभी भी पूर्व-कोविड स्तर तक नहीं पहुंची है। 2-पहिया वाहनों में अन्य ऑटोमोबाइल सेगमेंट जितनी वृद्धि नहीं हो पाई।

समीक्षाधीन वर्ष के दौरान यात्री वाहनों की घरेलू बिक्री में लगभग 27% की वृद्धि दर्ज की गई, वाणिज्यिक वाहनों में पिछले साल 26% की वृद्धि के मुकाबले इस साल 34%की वृद्धि देखी गई है। 3-पहिया वाहनों की घरेलू बिक्री में 87% की वृद्धि हुई है और 2-पहिया वाहनों की बिक्री में लगभग 17% की वृद्धि हुई है।

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एक्साइड इंडस्ट्रीज – फाइनेंसियल:

रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट:

एक्साइड ने 2022 में 15,078.16 करोड़ रुपए के दर्ज रेवेन्यू से ~18% की विर्धि के साथ 2023 मे 12,789 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया है। 2020-2021 में कोविड के समय में इसमें गिरावट देखने को मिली थी।

वित्त वर्ष 2022 के शुद्ध लाभ 4367 करोड़ रुपए से ~81% की गिरावट के साथ 2023 में शुद्ध लाभ 823 करोड़ रुपए बताया गया। 2022 मे कंपनी को 3663 करोड़ रुपये का असाधारण लाभ हुआ था। वित्त वर्ष 2022-23 में शुद्ध लाभ रु. 704 करोड़ रुपए था। हालाँकि, इसका 5-वर्षीय सीएजीआर 0.68% की गिरावट दर्शाता है।

निचे दी गई तालिका में इसका पिछले 5 वर्षों का रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट दिया गया है:

वित्तीय वर्षआयशुद्ध लाभ
202315078.16822.7
202212789.224366.93
202110359.43809.9
202014471.01776.75
201914720.88845.55
5-वर्षीय सीएजीआर0.60%-0.68%

प्रॉफिट मार्जिन:

कंपनी के मार्जिन का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन बहुत कम है। इसने 10.57% का परिचालन मार्जिन बताया था, जो इसके 5 साल के औसत 10.99% से थोड़ा कम है।

कंपनी का शुद्ध लाभ मार्जिन बहुत कम है, वित्त वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 5.46% है। यह भी इसके 5 साल के औसत 5.8% से कम है। इसने वित्त वर्ष 2021 में पिछले 5 वर्षों में अपना उच्चतम मार्जिन 7.08% दर्ज किया था।

निचे दी गई तालिका में इसका पिछले 5 वर्षों का ऑपरेटिंग मार्जिन और नेट मार्जिन दिया गया है:

वित्तीय वर्षपरिचालन सीमानेट मार्जिन
202310.57%5.46%
202210.97%5.43%
202113.19%7.08%
20209.82%5.27%
201910.39%5.76%
5 साल का औसत10.99%5.80%

रीटर्न रेश्यो:

नियोजित पूंजी पर कंपनी का रिटर्न (आरओसीई) लगातार गिर रहा है। यह वित्त वर्ष 2019 में ~23% के उच्च स्तर से गिरकर वित्त वर्ष 23 में ~11% के 5 साल के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। यह गिरावट स्पष्ट रूप से कमाई के बरकरार न रहने के कारण है क्योंकि कंपनी ने अधिक कर्ज ले लिया है।

इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) भी लगातार गिर रहा है। यह वित्त वर्ष 2019 में ~15% के उच्चतम स्तर से गिरकर वित्त वर्ष 23 में 7.58% के सबसे निचले स्तर पर आ गया है।

निचे दी गई तालिका में इसका पिछले 5 वर्षों का आरओसीई और आरओई दिया गया है:

वित्तीय वर्षआरओसीईआरओई
202310.96%7.58%
202211.26%7.78%
202114.84%10.68%
202016.96%12.13%
201923.38%14.69%
5 साल का औसत15.48%10.57%

डेट एनालिसिस:

इसका 2023 डेट टू इक्विटी 0.03 तक आ गया है, जो इसका 5 साल का उच्चतम स्तर है। इसका ब्याज कवरेज अनुपात 15.45 की सुरक्षित राशि पर बना हुआ है। वित्त वर्ष 2021 में यह अनुपात 5 साल के सबसे उच्चतम स्तर 28 से गिर कर यह 5 साल का औसत 16 पर बना हुआ है।

निचे दी गई तालिका में इसका पिछले 5 वर्षों का डेट टू इक्विटी और ब्याज कवरेज अनुपात दिया गया है:

वित्तीय वर्षऋण इक्विटीब्याज कवरेज
20230.0315.45
20220.0215.93
20210.0228.33
20200.019.98
20190.0111.67
5 साल का औसत0.0216.27

की मैट्रिक्स:

निचे दी गई तालिका में इसके प्रमुख मेट्रिक्स नीचे दिए गए हैं:

विवरणमात्राविवरणमात्रा
सीएमपी267.45मार्केट कैप (करोड़)22656
ईपीएस (टीटीएम)9.91स्टॉक पी/ई (टीटीएम)26.9
आरओई7.58%आरओसीई10.96%
प्रमोटर होल्डिंग45.99%पुस्तक मूल्य133.73
इक्विटी को ऋण0.03मूल्य से बुक वैल्यू तक2
निवल लाभ सीमा5.46%परिचालन लाभ मार्जिन10.57%

एक्साइड इंडस्ट्रीज – भविष्य की योजनाएं:

यह कंपनी, अपनी सहायक कंपनी एक्साइड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से, लिथियम-आयन प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। इस सहायक कंपनी के पास लगभग 700 करोड़ रुपए के ऑर्डर हैं।

एक्साइड एनर्जी, इसकी एक 100% सहायक कंपनी है, जो लिथियम-आयन सेल निर्माण में विशेषज्ञता रखती है, जो कर्नाटक में देश की सिंगल-साइट मल्टी-गीगा-वाट लिथियम-आयन सेल विनिर्माण फैक्ट्री की परियोजना चल रही है और अगले वित्त वर्ष 24 के अंत तक चरण 1 के तहत उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।

इसने गीगा-फैक्ट्री परियोजना की योजना एक चीनी कंपनी स्वॉट एनर्जी टेक्नोलॉजी के सहयोग से बनाई गई है। दोनों कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए लिथियम-आयन बैटरी विकसित करने के लिए बहु-वर्षीय तकनीकी साझेदारी कर रही हैं।

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निष्कर्ष:

एक्साइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (ईआईएल) भारत की आजादी के समय वाली एक कंपनी है। इसके पास एक विस्तरित उत्पाद क्षृंखला है जिसमे 2.5 एएच से लेकर 20,600 एएच तक की सबसे बड़ी औद्योगिक बैटरियों का उत्पादन होता है।

कंपनी 50 से अधिक देशों में काम कर रही है और इसकी विनिर्माण इकाइयां शामनगर, चिंचवड़, हल्दिया, होसुर, अहमदनगर और पांच अन्य स्थानों में स्थापित हैं। भारत में इसके 95,000 से अधिक वितरकों और डीलरों और उप-डीलरों का एक मजबूत नेटवर्क है।

कंपनी मुख्य रूप से दो खंडों में काम करती है, ऑटोमोटिव और औद्योगिक। यह कंपनी लगातार आगे बढ़ रही है क्योंकि इसने लिथियम-आयन बैटरियों के निर्माण के लिए एक गीगा-फैक्ट्री स्थापित की है।

कंपनी उच्च मात्रा और कम मार्जिन वाले व्यवसाय पर काम करती है, कंपनी की बैलेंस में हम देखते हैं कि इसकी इन्वेंटरी में 20% की वृद्धि हुई, जो 18% की राजस्व वृद्धि से थोड़ा अधिक है। इन्वेंट्री में वृद्धि के कारण, इसके नेट ऑपरेटिंग कैश फ्लो में केवल 1% की वृद्धि हुई, जो 17% की वृद्धि की तुलना में काफी कम है। कर्नाटक में कंपनी की गीगा-फैक्ट्री परियोजना से कंपनी का भविस्य उज्जवल प्रतीत होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: (FAQs)

Q. क्या एक्साइड इंडस्ट्रीज एक लार्ज कैप कंपनी है?

Ans. 1947 में निगमित, यह कंपनी एक मिड कैप कंपनी है (मार्केट कैप – रु 22614.25 करोड़) जो ऑटो एंसिलरीज क्षेत्र में काम करती है।

Q. एक्साइड इंडस्ट्रीज कब स्थापित हुई थी?

Ans. यह कंपनी साल 1947 में स्थापित हुई थी।

Q. एक्साइड इंडस्ट्रीज का पुराना नाम क्या है?

Ans. क्लोराइड इंडस्ट्रीज लिमिटेड

Q. भारत की सबसे बड़ी बैटरी कंपनी कौन सी है?

Ans. एक्साइड इंडस्ट्रीज भारत की सबसे ज्यादा बैटरी बेचने वाली कंपनी है। एक्साइड ने एसीसी बैटरी भंडारण पर राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए पीएलआई योजना में भाग लेने की योजना बनाई है और इसने हाल ही में लिथियम आयन सेल विनिर्माण में प्रवेश किया है।

Q. भारत में एक्साइड बैटरी के प्रतिस्पर्धी कौन हैं?

Ans. एक्साइड इंडस्ट्रीज के प्रतिस्पर्धी: ईगलपिचर टेक्नोलॉजीज, हैवेल्स इंडिया, एवरेडी, एचबीएल पावर सिस्टम्स, ट्रोजन बैटरी, अमारा राजा, इंडो नेशनल आदि।